इलाहाबाद : प्रदेश में शिक्षक बनने की राह और आसान होने जा रही है। इसकी वजह निजी बीटीसी कालेजों की संख्या दोगुनी करनी की तैयारी है। अब तक जितने कालेज चल रहे हैं उससे भी अधिक कालेजों को आगामी शैक्षिक सत्र से मान्यता मिलना लगभग तय है। इससे कालेजों में प्रवेश पाने वालों की मेरिट का भी नीचे आना तय है यानी द्वितीय श्रेणी में हाईस्कूल, इंटर व स्नातक करने वाले भी शिक्षक बन सकेंगे। बेसिक टीचर्स सर्टिफिकेट यानी बीटीसी करने के इच्छुक युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। यदि काउंसिलिंग में अब तक मौका नहीं मिल पाया है कि तो निराश न हों नए साल में बेहतर मौके मिलेंगे। बीटीसी का प्रशिक्षण पहले सिर्फ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट में ही होता रहा है। सत्र 2012-13 से निजी बीटीसी कालेजों को पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति मिली। इसके बाद से निजी कालेज खुलने की मानों बाढ़ आ गई। 2012-13 से 2015-16 आने तक में संस्थानों की संख्या दोगुनी हो गई थी। अब फिर निजी कालेजों की संख्या दोगुनी से अधिक होने जा रही है। इस समय प्रदेश में निजी कालेज 1425 हैं और आगामी सत्र के लिए करीब 1800 से अधिक कालेज...
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