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पथरी का सटीक उपाय

7. नींबू के रस और जैतून के तेल के मिश्रण का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) की पथरी के इलाज के लिए किया जा रहा है। यह मिश्रण किडनी की पथरी के इलाज में भी प्रभावकारी है- 04 चम्मच या एक-चौथाई कप नींबू का ताजा रस लें। इसमें बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाएं इस मिश्रण को पी जाएं और फिर ढेर सारा पानी पीएं। ऐसा तीन दिनों तक दिन में दो-तीन बार करें। यदि इस मिश्रण के एक बार सेवन से ही मूत्रमार्ग से पथरी निकल जाए तो मिश्रण का फिर से प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं है।

पथरी का इलाज

पथरी में फायदेमंद हैं यह 13 उपाय .. पथरी का होना आजकर आम बात है। कई बार किडनी में मौजूद मैग्नीशियम,फास्फेट,कार्बोनेट,कैल्श‍ियम के कारण अपने आप पथरी की समस्या हो जाती है या फिर पानी के कारण भी ऐसा होता है। लेकिन इससे निजात पाता बहुत कठिन हो जाता है। नीचे हम बता रहे हैं, कुछ ऐसे उपाय, जो पथरी की समस्या से आपको छुटकारा दिला सकते हैं – 1 सेब का सिरका- यह एक ऐसा उपाय है, जो आपको स्टोन के दर्द से भी तुरंत निजात दिलाता है। प्रतिदिन सेब के सिरके का प्रयोग करने से इसमें पाया जाने वाला मेलिक ऐसिड धीरे-धीरे स्टोन को गला देता है। 2 नींबू और जैतून का तेल- नींबू के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर, दिन में दो या तीन बार लेने से पथरी में लाभ होता है। नींबू में मौजूद साइट्रि‍क एसिड पथरी को गलाने में मदद करता है। 3 गेहूं के जवारे – गेहूं के जवारों को पानी में उबालकर, उस पानी में नींबू का रस मिलाकर पीना पथरी की समस्या में बेहद लाभदायक उपाय है। 4 पुदीना – पथरी में पुदीने का सेवन बहुत अच्छा होता है। इसमें उपस्थित टेरपेन पथरी को गलाने में सहायक होता है। पुदीने का रस या पुदीने की चाय पीने ...

वजन घटाने का अचूक उपाय

शरीर पर बढ़ते वजन से आप भी परेशान हो तो आपके लिये लाये हैं एक विशेष उपाय जिसमे दो बहुत ही कारगर तत्व दालचीनी और अदरक का प्रयोग किया जाता है । यह सुनने में साधारण सी लगने वाली चाय सच में इतनी कारगर है कि यदि नियमित रूप से इसका प्रयोग किया जाये तो यह ना सिर्फ वजन कम करने में मदद करती है बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त करती है । आइये जानते हैं कि क्या है इसको बनाने का तरीका और क्या है इसकी सेवन विधी 5 ग्राम दालचीनी और 5 ग्राम ही अदरक का टुकड़ा लेकर इनको एक साथ कूट लें और 200 ग्राम पानी में डालकर पकने के लिये रख दें । जब उबलते उबलते पानी मात्र 100 ग्राम लगभग शेष रहे तो इसको छान कर रख लें और पीने लायक ठण्डा होने दें । जब पीने लायक हो जाये तो इसको पी लेना चाहिये । चाहें तो स्वाद के लिये इसमे नीम्बू भी मिलाया जा सकता है । loading... इस चाय का सर्वोत्तम दिन में दो बार सेवन करने से होता है । एक बार तो सुबह को खाली पेट और दूसरी बार शाम को दिन छिपने के समय पर सेवन करना चाहिये । इसके सेवन करने के बाद यदि 15-20 मिनट तक कुछ भी वर्क आउट भी कर लिया जाये तो यह सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है ...